Netanyahu statement after the order of International Court allegation of genocide is false and insulting


Israel-Hamas War: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में नरसंहार के आरोप को झूठा और अपमानजनक बताते हुए अंतरराष्ट्रीय न्यायायल के आदेश को खारिज कर दिया. नेतन्याहू ने विश्व के सभी सभ्य लोगों से इस आरोप को अस्वीकार करने की अपील की है. 

एक रिपोर्ट के मुताबिक नेतन्याहू ने कहा इजरायल, आतंकवादी संगठन हमास के खिलाफ अपना आत्मरक्षा अभियान जारी रखेगा. उन्होंने कहा इजरायल अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति अटल है और उतना ही अपने देश की रक्षा करने के लिए अटल और प्रतिबद्ध है. नेतन्याहू ने कहा इजरायल के पास अपने देश की रक्षा करने का अधिकार है, इस मौलिक अधिकार को यहूदियों से छीनने का घृणित प्रयास किया जा रहा है. 

हमास फिलिस्तीनियों को ढाल की तरह करता है प्रयोग- नेतन्याहू
इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा 7 अक्टूबर को हमास ने यहूदी लोगों पर जमकर बम गिराये और भयानक अत्याचार किए. साथ ही हमास अपने हमले को बार-बार दोहराने की कसम खाता है. नेतन्याहू ने कहा इजरायल का जंग हमास के आतंकियों के खिलाफ है, फिलिस्तीनी नागरिकों के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा हम जंग के दौरान फिलिस्तीनियों को सभी मानवीय सहायता प्रदान करना जारी रखेंगे. वहां के नागरिकों को नुकसान से दूर रखने का हर संभव प्रयास करेंगे. हमास वहां के नागरिकों को ढाल के रूप में प्रयोग कर रहा है.

दरअसल, साउथ अफ्रीका ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में इजरायल द्वारा हमास में नरसंहार का आरोप लगाते हुए संघर्ष विराम रोकने की मांग की थी. इसपर संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत का कहना है कि वह इजराइल पर गाजा में नरसंहार का आरोप लगाने संबंधी मामले को खारिज नहीं करेगी. गाजा में हमास के खिलाफ इजरायल के युद्ध में 26000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं. ये संघर्ष 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमास के हमले के जवाब में शुरू हुआ, जिसमें महिलाओं और बच्चों की भी मौत हुई है. 

संयुक्त राष्ट्र ने संघर्ष विराम का आदेश देने से किया मना- रिरोर्ट
हलांकि, एपी की रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत ने गाजा में संघर्ष विराम का आदेश देने से इनकार कर दिया लेकिन इजराइल से जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए प्रयास करने को कहा है.

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